Vitamin E in Hindi: विटामिन E किसमें पाया जाता है? फायदे, भारतीय भोजन और फल

Sunflower seeds, a rich source of vitamin E

Medically reviewed by Dr. Reina Punj, MBBS, PG Diploma in Endocrinology (University of South Wales), Lead Physician, Excelgenics Clinical Panel.

Vitamin E kisme paya jata hai? विटामिन E (vitamin E) मुख्य रूप से बीज, मेवे और वनस्पति तेलों में पाया जाता है। भारत में इसके मुख्य रोज़मर्रा के स्रोत हैं सूरजमुखी के बीज (surajmukhi ke beej), बादाम (badam), सूरजमुखी और कुसुम (safflower) का तेल, और मूँगफली (moongphali); हेज़लनट (hazelnuts) में भी यह भरपूर होता है। सूरजमुखी के बीज या बादाम की एक छोटी मुट्ठी (लगभग 28 g) लगभग 7–10 mg विटामिन E देती है, जो ICMR-NIN द्वारा भारतीय वयस्कों के लिए सुझाई गई पूरी रोज़ की मात्रा के करीब है। पालक (palak) और आम, कीवी व एवोकाडो जैसे फल थोड़ा और जोड़ते हैं।

नीचे vitamin E in Hindi की पूरी जानकारी है: इसके काम, रोज़ की ज़रूरत, भारतीय भोजन और फल, और सप्लीमेंट की सावधानियाँ। अंग्रेज़ी में पूरा लेख: Vitamin E Rich Foods।

Vitamin E ke fayde: विटामिन E क्या काम करता है?

विटामिन E आठ fat-soluble (वसा में घुलने वाले) यौगिकों का समूह है: चार tocopherols और चार tocotrienols। इनमें सिर्फ़ alpha-tocopherol को इंसान की ज़रूरत पूरी करने वाला माना गया है, इसलिए तालिकाएँ और ज़रूरतें alpha-tocopherol में दी जाती हैं।

इसका मुख्य काम कोशिकाओं की झिल्लियों (cell membranes) में antioxidant के रूप में है। vitamins E ke fayde की बात करें, तो EU में मान्य विवरण के अनुसार विटामिन E कोशिकाओं को oxidative stress से बचाने में योगदान देता है (vitamin E contributes to the protection of cells from oxidative stress)। दूसरे antioxidant वाले भोजन के लिए antioxidant rich foods देखें।

रोज़ कितना विटामिन E चाहिए?

भारत, अमेरिका और यूरोप में ज़रूरत अलग-अलग तरह से तय की गई है:

  • भारत (ICMR-NIN 2020): ज़रूरत इस पर निर्भर है कि आप कितने essential fatty acids (एक तरह का polyunsaturated fat) खाते हैं। ICMR-NIN हर ग्राम essential fatty acids पर 0.8 mg alpha-tocopherol का सुझाव देता है, जो इस्तेमाल किए जाने वाले खाने के तेल के हिसाब से "मोटे तौर पर रोज़ 7.5–10 mg tocopherol" बैठता है।
  • अमेरिका (National Institutes of Health): वयस्क पुरुषों और महिलाओं, दोनों के लिए RDA (recommended dietary allowance) रोज़ 15 mg है।
  • यूरोप (EFSA): adequate intake पुरुषों के लिए रोज़ 13 mg और महिलाओं के लिए रोज़ 11 mg है।

नीचे की तालिका हर हिस्से को 10 mg (ICMR-NIN अनुमान का ऊपरी सिरा) और अमेरिकी 15 mg, दोनों के प्रतिशत में दिखाती है।

Vitamin E kisme paya jata hai: भारतीय भोजन की सूची, हर हिस्से के हिसाब से

Sunflower seeds on a dark slate surface

मात्राएँ alpha-tocopherol की हैं, ज़्यादातर NIH Office of Dietary Supplements की तालिका से; कच्चे सूरजमुखी के बीज, कच्चे बादाम और एवोकाडो के आँकड़े USDA डेटा से निकाले गए हैं। नमूनों में फर्क होता है, इसलिए इन्हें अनुमान मानें।

भोजन हिस्सा विटामिन E (mg) 10 mg का % (ICMR-NIN ऊपरी अनुमान) 15 mg का % (अमेरिकी RDA)
सूरजमुखी के बीज (surajmukhi ke beej), कच्ची गिरी 28 g (एक छोटी मुट्ठी) 9.9 99% 66%
सूरजमुखी के बीज, सूखे भुने (dry-roasted) 28 g 7.4 74% 49%
बादाम (badam), कच्चे 28 g (एक छोटी मुट्ठी) 7.3 73% 49%
बादाम, सूखे भुने 28 g 6.8 68% 45%
हेज़लनट (hazelnuts), सूखे भुने 28 g 4.3 43% 29%
मूँगफली (moongphali), सूखी भुनी 28 g 2.2 22% 15%
व्हीट जर्म ऑयल (wheat germ oil) 1 बड़ा चम्मच 20.3 203% 135%
सूरजमुखी का तेल (sunflower oil) 1 बड़ा चम्मच 5.6 56% 37%
कुसुम का तेल (safflower oil; kusum / kardai oil) 1 बड़ा चम्मच 4.6 46% 31%
मक्के का तेल (corn oil) 1 बड़ा चम्मच 1.9 19% 13%
सोयाबीन का तेल (soybean oil) 1 बड़ा चम्मच 1.1 11% 7%
पालक (palak), उबली हुई ½ कप 1.9 19% 13%
एवोकाडो (avocado, butter fruit) 1 कप टुकड़े (150 g) 3.1 31% 21%
कीवी (kiwi) 1 मीडियम 1.1 11% 7%
आम (aam), कटा हुआ ½ कप 0.7 7% 5%

सूरजमुखी के बीज या बादाम की एक मुट्ठी ही ज़्यादातर काम कर देती है। खाना पकाने का तेल भी मायने रखता है: एक बड़े चम्मच सूरजमुखी या कुसुम के तेल में सोयाबीन या मक्के के तेल से कई गुना ज़्यादा विटामिन E होता है। व्हीट जर्म ऑयल खास तेल है, रोज़ का खाना पकाने का तेल नहीं।

बीजों के बारे में हिंदी में पढ़ें: Sunflower Seeds in Hindi और Pumpkin Seeds in Hindi।

Vitamin E rich foods in Hindi: विटामिन E वाले फल

फलों में कुछ विटामिन E होता है, लेकिन बीज और मेवों से बहुत कम। ऊपर की तालिका में एक मीडियम कीवी लगभग 1.1 mg और आधा कप कटा आम लगभग 0.7 mg देता है। इनमें एवोकाडो सबसे आगे है, एक कप टुकड़ों में लगभग 3.1 mg, फिर भी यह एक मुट्ठी बादाम से काफ़ी कम है।

आसान तरीका: फल के साथ कुछ बादाम या एक चम्मच सूरजमुखी के बीज लें, जैसे दही पर आम और बीज, या फ्रूट चाट पर कटे बादाम।

भारतीय खाने में विटामिन E वाले भोजन कैसे जोड़ें

  • बीज और मेवों का नपा-तुला मिक्स रखें: सूरजमुखी के बीज, बादाम और थोड़ी मूँगफली। रोज़ के लिए 28 g की एक मुट्ठी समझदार मात्रा है।
  • बीज छिड़कें पोहा, उपमा, रायता, सलाद या भेल पर।
  • कुछ खाना सूरजमुखी या कुसुम के तेल में बनाएँ, अगर आपका आम तेल कम विटामिन E वाला है। कुल तेल सीमित रखें।
  • पालक डालें दाल, सब्ज़ी या पराठे के आटे में; इससे दूसरे पोषक तत्वों के साथ विटामिन E भी मिलता है।

बीज और मेवों में कैलोरी ज़्यादा होती है (सूरजमुखी के बीज की 28 g की एक मुट्ठी में लगभग 164 kcal), इसलिए मात्रा नापकर खाएँ। ICMR-NIN की "My Plate for the Day" 2,000 kcal वाले आहार में रोज़ कुल लगभग 30 g मेवे और बीज का सुझाव देती है। जिस मेवे या बीज से आपको एलर्जी हो, उससे बचें।

विटामिन E और त्वचा

Close-up of a mature sunflower head full of seeds

विटामिन E को अक्सर त्वचा से जोड़ा जाता है, क्योंकि यह कोशिकाओं को oxidative stress से बचाने में भूमिका निभाता है। यह पोषक तत्व के काम का विवरण है, इसका सबूत नहीं कि विटामिन E वाला भोजन ज़्यादा खाने से त्वचा दिखने में बदल जाएगी। दूसरे पोषक तत्वों की भी तय भूमिकाएँ हैं: विटामिन C त्वचा के सामान्य कामकाज के लिए सामान्य कोलेजन निर्माण में योगदान देता है (vitamin C contributes to normal collagen formation for the normal function of skin) (देखें vitamin C rich foods), और ज़िंक सामान्य त्वचा को बनाए रखने में योगदान देता है (zinc contributes to the maintenance of normal skin) (हिंदी में पढ़ें Zinc in Hindi)। कोलेजन के लिए Collagen in Hindi पढ़ें, या हमारी skin and beauty range देखें।

क्या आपको विटामिन E सप्लीमेंट की ज़रूरत है?

ज़्यादातर लोगों को नहीं। NIH Office of Dietary Supplements के अनुसार स्वस्थ लोगों में विटामिन E की साफ़ कमी दुर्लभ है। यह ज़्यादा उन लोगों में होती है जो fat (वसा) ठीक से absorb नहीं कर पाते (आँतों को विटामिन E absorb करने के लिए fat चाहिए), जैसे Crohn's disease, cystic fibrosis या bile न बना पाने की स्थिति में, और बहुत कम वज़न वाले premature शिशुओं में। इन स्थितियों में डॉक्टर की देखरेख चाहिए, खुद से इलाज नहीं।

भोजन से मिलने वाला विटामिन E सुरक्षा की चिंता नहीं है: भोजन से बड़ी मात्रा में विटामिन E लेने से कोई दुष्प्रभाव दर्ज नहीं हुआ है। ज़्यादा डोज़ वाले सप्लीमेंट की बात अलग है:

  • ऊपरी सीमा: अमेरिका में वयस्कों के लिए tolerable upper intake level सप्लीमेंट से मिलने वाले alpha-tocopherol का रोज़ 1,000 mg है। यह synthetic रूप के लगभग 1,100 IU या natural रूप के लगभग 1,500 IU के बराबर है।
  • रक्तस्राव (bleeding): क्लिनिकल ट्रायल में ज़्यादा डोज़ वाले विटामिन E सप्लीमेंट के साथ haemorrhagic stroke (दिमाग में रक्तस्राव वाला स्ट्रोक) का ज़्यादा जोखिम दर्ज हुआ है।
  • खून पतला करने वाली दवाएँ: warfarin जैसी anticoagulant दवाओं के साथ बड़ी डोज़ लेने से रक्तस्राव का जोखिम बढ़ सकता है। अगर आप खून पतला करने वाली कोई भी दवा लेते हैं, तो विटामिन E लेने से पहले डॉक्टर से बात करें।
  • प्रोस्टेट कैंसर: बड़े SELECT ट्रायल में जिन पुरुषों ने रोज़ 400 IU synthetic विटामिन E लिया, उनमें placebo लेने वाले पुरुषों की तुलना में प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम 17% ज़्यादा पाया गया, सप्लीमेंट बंद होने के बाद के follow-up में।

कुछ multi-ingredient सप्लीमेंट में भी विटामिन E होता है। अगर आप एक से ज़्यादा सप्लीमेंट लेते हैं, तो सबमें मौजूद विटामिन E को जोड़कर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किस फल में सबसे ज़्यादा विटामिन E होता है?

इस लेख के आम फलों में एवोकाडो में सबसे ज़्यादा है, लगभग 3.1 mg प्रति कप टुकड़े। कीवी और आम एक हिस्से में लगभग 1 mg या उससे कम देते हैं, इसलिए फल मुख्य स्रोत नहीं, बस थोड़ा अतिरिक्त जोड़ते हैं।

Vitamin E ke fayde क्या हैं?

विटामिन E कोशिकाओं को oxidative stress से बचाने में योगदान देता है। ज़्यादातर लोगों के लिए इसे बीज, मेवे, थोड़े वनस्पति तेल और हरी सब्ज़ियों से लेना सबसे आसान तरीका है।

क्या रोज़ विटामिन E कैप्सूल लेना सुरक्षित है?

बिना वजह या सलाह के नहीं। ज़्यादातर लोगों को भोजन से पर्याप्त मिल जाता है, और ज़्यादा डोज़ वाले सप्लीमेंट में रक्तस्राव का जोखिम है, खासकर खून पतला करने वाली दवाओं के साथ। पहले डॉक्टर से पूछें।

References

  • ICMR-National Institute of Nutrition. Nutrient Requirements for Indians: Recommended Dietary Allowances and Estimated Average Requirements. Short report of the Expert Group. 2020. Section "Vitamin E & K", p. 10. nin.res.in
  • Hemalatha R, Laxmaiah A, Sriswan MR, Boiroju NK, Radhakrishna KV. What India Eats. ICMR-National Institute of Nutrition. nin.res.in
  • NIH Office of Dietary Supplements. Vitamin E: Fact Sheet for Health Professionals. ods.od.nih.gov
  • EFSA Panel on Dietetic Products, Nutrition and Allergies. Scientific Opinion on Dietary Reference Values for vitamin E as α-tocopherol. EFSA Journal. 2015;13(7):4149. doi:10.2903/j.efsa.2015.4149
  • U.S. Department of Agriculture, Agricultural Research Service. FoodData Central: sunflower seed kernels, dried (FDC ID 170562); nuts, almonds (FDC ID 170567); avocados, raw, all commercial varieties (NDB 09037). fdc.nal.usda.gov; vitamin E content of selected foods (SR28 list). ods.od.nih.gov
  • European Commission. Commission Regulation (EU) No 432/2012 establishing a list of permitted health claims made on foods. eur-lex.europa.eu

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और चिकित्सा सलाह नहीं है। फ़ूड सप्लीमेंट किसी भी बीमारी का निदान, उपचार, इलाज या रोकथाम करने के लिए नहीं हैं। कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले किसी योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें, खासकर अगर आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं, आपको कोई बीमारी है या आप कोई दवा ले रहे हैं।

This article is for general education and is not medical advice. Food supplements are not intended to diagnose, treat, cure or prevent any disease. Consult a qualified healthcare professional before starting any supplement, particularly if you are pregnant, breastfeeding, have a medical condition or take medication.